सोमनाथ मंदिर दर्शन और आरती टाइमिंग 2026, लाइट एंड साउंड शो (Somnath Temple Darshan & Aarti Timings)

सोमनाथ मंदिर - अरब सागर के किनारे स्थित ज्योतिर्लिंग (इलस्ट्रेशन)

प्रतीकात्मक चित्र

🗓️ Last checked: Oct 2026 (23 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया)

⚡ Quick Facts

दर्शनसुबह 6:00 – रात 10:00 (ट्रस्ट FAQ)
आरतीसुबह 7:00, दोपहर 12:00, शाम 7:00
लाइट एंड साउंड शोरात 8–9 (FAQ) / 7:45–8:45 (दर्शन पेज); मानसून में बंद
प्रवेशनिःशुल्क
मोबाइल/कैमराअंदर मना — क्लॉक रूम मुफ़्त
नज़दीकी स्टेशनसोमनाथ (0.5 km), वेरावल (7 km)

गुजरात के गिर सोमनाथ ज़िले में समुद्र किनारे बसा श्री सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में पहला ज्योतिर्लिंग है। इतिहास में कई बार टूटने के बाद भी यह मंदिर हर बार फिर खड़ा हुआ। आज का मंदिर सरदार पटेल के संकल्प से बना और 11 मई 1951 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसकी प्राण-प्रतिष्ठा की। यह गाइड श्री सोमनाथ ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट की जानकारी पर आधारित है।

सोमनाथ का महत्व

पौराणिक कथा के अनुसार चंद्रदेव (सोम) को उनके ससुर दक्ष प्रजापति ने श्राप दिया था, जिससे उनकी चमक चली गई। ब्रह्माजी की सलाह पर चंद्रदेव ने प्रभास तीर्थ में भगवान शिव की तपस्या की और शिवजी ने उन्हें श्राप से मुक्त किया — इसीलिए यह स्थान “सोमनाथ” कहलाया। प्रभास पाटन वही पवित्र भूमि भी मानी जाती है जहाँ से भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी अंतिम यात्रा (निजधाम गमन) की थी। मंदिर परिसर में कपर्दी विनायक और हनुमानजी का मंदिर भी है। ट्रस्ट की वेबसाइट पर ऑनलाइन लाइव दर्शन, पूजा-विधि बुकिंग और प्रसाद बुकिंग की सुविधा भी है — जो लोग आ नहीं सकते, वे घर बैठे दर्शन कर सकते हैं।

सोमनाथ मंदिर दर्शन टाइमिंग (Darshan Timings)

श्री सोमनाथ ट्रस्ट के FAQ पेज के अनुसार दर्शन का समय सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक है। (गुजरात टूरिज़्म की वेबसाइट पर विज़िटिंग आवर्स 6:30 AM – 9 PM लिखे हैं; हमने ट्रस्ट का समय मुख्य माना है।) मंदिर में प्रवेश निःशुल्क है।

आरतीसमय
सुबह की आरती7:00 AM
मध्याह्न आरती12:00 PM (दोपहर)
सायं आरती7:00 PM

आरती के समय सबसे ज़्यादा भीड़ होती है। शांति से दर्शन करने हैं तो सुबह जल्दी या आरती के समय से हटकर जाएँ। शाम की आरती के बाद वल्लभघाट पर सूर्यास्त देखना बहुत सुंदर अनुभव है।

लाइट एंड साउंड शो “जय सोमनाथ” (Light & Sound Show)

हर रात मंदिर परिसर में “जय सोमनाथ” साउंड एंड लाइट शो होता है, जिसमें समुद्र की लहरों की आवाज़ के बीच मंदिर का इतिहास दिखाया जाता है। ट्रस्ट की वेबसाइट पर इसका समय दो जगह अलग लिखा है — FAQ पेज पर रात 8:00 से 9:00 और दर्शन पेज पर 7:45 से 8:45। मानसून/बारिश के मौसम में शो बंद रहता है।

टिकट: शो का टिकट मंदिर परिसर के काउंटर पर मिलता है। इसकी कीमत हमें ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर नहीं मिली, इसलिए हम यहाँ कोई दाम नहीं लिख रहे — पहुँचकर काउंटर पर समय और दाम दोनों पूछ लें।

मंदिर के नियम — ज़रूर जानें

  • मोबाइल, कैमरा, स्मार्टवॉच, लैपटॉप आदि सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान अंदर ले जाना मना है। इन्हें क्लॉक रूम के लॉकर में रखें — क्लॉक रूम मुफ़्त है।
  • जूते-चप्पल बाहर उतारने होते हैं; क्लॉक रूम के पास मुफ़्त शू हाउस है।
  • फ़ोटोग्राफ़ी मना है। मंदिर की फ़ोटो/फ़्रेम सुवेनियर काउंटर से ख़रीदी जा सकती है।
  • ड्रेस कोड: साड़ी, धोती, पैंट, टी-शर्ट, स्कर्ट चलती है; मिनी स्कर्ट और असम्मानजनक कपड़े न पहनें।
  • मंदिर के आसपास धूम्रपान पूरी तरह मना है।
  • बुज़ुर्गों और दिव्यांगों के लिए मुख्य द्वार पर व्हीलचेयर/गोल्फ़ कार्ट और परिसर में लिफ़्ट की सुविधा है।

सोमनाथ कैसे पहुँचें (How to Reach)

  • रेल: सोमनाथ रेलवे स्टेशन मंदिर से लगभग 0.5 km और वेरावल स्टेशन लगभग 7 km दूर है।
  • हवाई जहाज़: दीव एयरपोर्ट लगभग 85 km, राजकोट लगभग 200 km और अहमदाबाद लगभग 390 km (ट्रस्ट के अनुसार)।
  • सड़क: गुजरात टूरिज़्म के अनुसार जूनागढ़ से लगभग 82 km; अहमदाबाद लगभग 410 km। जूनागढ़, राजकोट और अहमदाबाद से सरकारी व प्राइवेट बसें चलती हैं।

सोमनाथ में कहाँ रुकें (Where to Stay)

श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अपने गेस्ट हाउस हैं, जिनकी बुकिंग somnath.org पर “Online Room Booking” से होती है:

  • सागर दर्शन अतिथि गृह — समुद्र के सामने
  • लीलावती अतिथि भवन
  • माहेश्वरी अतिथि भवन

हर गेस्ट हाउस में भोजनालय/रेस्टोरेंट है और छोटे बच्चों के लिए पालने (cradle) की सुविधा भी। त्योहारों — श्रावण, महाशिवरात्रि, कार्तिक पूर्णिमा — में कमरे जल्दी भर जाते हैं।

सोमनाथ के आसपास दर्शन

ट्रस्ट की तीर्थ दर्शन बस मुख्य द्वार से सुबह 8:30 और दोपहर 3:30 बजे आसपास के मंदिरों के लिए निकलती है (मामूली शुल्क)। 20 km के अंदर ये जगहें हैं: अहिल्याबाई मंदिर, भालका तीर्थ, त्रिवेणी संगम घाट, गोलोकधाम तीर्थ और प्राची तीर्थ।

थोड़ा आगे: सासण गिर लगभग 65 km (गिर लायन सफ़ारी गाइड), जूनागढ़ लगभग 90 km (गिरनार रोपवे), दीव लगभग 85 km और द्वारका लगभग 230 km (द्वारका यात्रा गाइड)।

सोमनाथ के मुख्य त्योहार

श्रावण मास, महाशिवरात्रि, गोलोकधाम उत्सव, कार्तिक पूर्णिमा मेला (5 दिन) और सोमनाथ स्थापना दिवस। कार्तिक पूर्णिमा के आसपास गिरनार में लीली परिक्रमा भी होती है, इसलिए नवंबर में पूरे सौराष्ट्र में भीड़ रहती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सोमनाथ मंदिर का दर्शन समय क्या है?

श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अनुसार सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक।

सोमनाथ में आरती कितने बजे होती है?

दिन में तीन बार: सुबह 7:00, दोपहर 12:00 और शाम 7:00 बजे।

सोमनाथ लाइट एंड साउंड शो का समय क्या है?

ट्रस्ट के FAQ में रात 8–9 बजे और दर्शन पेज पर 7:45–8:45 लिखा है। मानसून में शो बंद रहता है; पहुँचकर काउंटर पर समय पक्का कर लें।

क्या सोमनाथ मंदिर में मोबाइल ले जा सकते हैं?

नहीं। मोबाइल, कैमरा, स्मार्टवॉच आदि मना हैं; इन्हें मुफ़्त क्लॉक रूम में रख सकते हैं।

सोमनाथ ट्रस्ट के गेस्ट हाउस कैसे बुक करें?

somnath.org पर Online Room Booking से सागर दर्शन अतिथि गृह, लीलावती अतिथि भवन या माहेश्वरी अतिथि भवन बुक कर सकते हैं।

🗓️ Last checked: Oct 2026 (23 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया)

स्रोत (Sources): Shree Somnath Trust – FAQs · Shree Somnath Trust – Somnath Darshan · Gujarat Tourism – Somnath Temple

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